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कृषक उत्पादक संगठन जागरूकता कार्यशाला आयोजित

भीलवाडा, 24 मार्च। कृषि विज्ञान केन्द्र पर नाबार्ड की पी.ओ.डी.एफ.-आई.डी. निधि के अन्तर्गत गठित भीलवाड़ा गोटरी प्राईड एफपीओ लिमिटेड़ के सदस्यों के लिए बकरीपालन पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सी.एम. यादव ने उद्यमिता विकास के लिए बकरियों की प्रमुख नस्लें सिरोही, सोजत, गुजरी, करौली, बकरियों के आवास, पोषण प्रबंधन एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की तकनीकी जानकारी दी। कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यों को बकरीयों के विपणन, दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ के बारे में अवगत करवाया।

प्रोफेसर शस्य विज्ञान डॉ. के.सी. नागर ने बकरीयों को ग्रीष्म ऋतु में बचाव के लिए एवं जलवायु परिवर्तन के अनुसार बकरी पालन मे आने वाली समस्याओं का समाधान किया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. राजेश जलवानियाँ ने फल एवं सब्जियों के अवशेष को बकरी के आहार में अपनाने की जानकारी के साथ ही एफपीओ के फायदे के बारे में बताया।

भीलवाड़ा गोटरी प्राईड एफपीओ लिमिटेड़ के कोषाध्यक्ष पंकज टांक ने एफपीओ के सदस्यों को जागरूकता कार्यक्रम में अधिक से अधक भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की। एफपीओ के सीईओ महिपत सिंह चुण्ड़ावत ने संगठन के माध्यम से ज्यादातर सदस्यों को फायदा पहुँने के लिए समय पर बकरीयों का विपणन एवं दुग्ध संकलन की जानकारी दी।

सहायक कृषि अधिकारी नन्द लाल सेन से सदस्यों का पंजीयन कर केन्द्र पर स्थापित बकरी इकाई का भ्रमण करवाया। वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता प्रकाश कुमावत ने बकरियों में होने वाले प्रमुख रोग एवं उनके रोकथाम की तकनीकी जानकारी दी। जागरूकता कार्यक्रम में सदस्यों को केन्द्र द्वारा मुर्गियों के चूजे, खनिज लवण एवं प्याज की पौध दी गई।
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